आज मै आपको "दूरबीन " के अविष्कारक के विषय में बताऊंगा तो आरम्भ करता हूँ ,आप के लिए ये सफर 👇
गैलीलियो इटली के प्रसिद्ध भौतिकविज्ञानी और खगोलविद थे। उन्होंने ही सर्वप्रथम प्राकृतिक घटनाओं के अनुसंधान के लिए प्रयोगिक विधियों का उपयोग किया। उन्होंने गिरती हुई वस्तुओ के नियम का पता लगाया और जड़त्व के नियम (LAW OF INERTIA )को स्थापित किया।
गैलीलियो ने दूरबीन (TELESCOPE )का आविष्कार किया और उसका उपयोग खगोलीय प्रेक्षणों के लिए किया। इस क्षेत्र में उनके कई महत्वपूर्ण खोज है।
गैलीलियो कॉपरनिकस द्वारा प्रतिपादित पृथ्वी के सूर्य की परिक्रमा संबंधी सिद्धांत के सक्रिय समर्थक थे ,जिसके चलते उन्हें कई प्रकार की यातनाएँ भी सहनी पाड़ी।
विभिन्न वस्तुओं को ऊपर उछालने पर उनके नीचे गिरने का कारण :-
जब हम पत्थर के छोटे टुकड़े को ऊपर की ओर फेंकते है तब वह कुछ ऊँचाई तक जाता है और वहाँ क्षणभर के लिए रूककर नीचे की ओर गिरने लगता है। इसका कारण यह है कि पत्थर के टुकड़े पर पृथ्वी हमेशा पाने केंद्र की ओर आकर्षण बल लगाती है। पृथ्वी द्वारा लगे इस आकर्षण बल को गुरूत्व -बल (FORCE OF GRAVITY )कहते हैं।
आनत तल पर गिरती हुई वस्तु की गति का अवलोकन :-
आनत तल (नत समतल )पर रखे गुटके (वस्तु )पर गुरुत्वीय बल का तल के समांतर नीचे की ओर का घटक (अवयव ,Component )लगता है। घटक (बल )आनत तल के झुकाव -कोण पर निर्भर करता है। झुकाव -कोण का मान बढ़ने पर गुटके (वस्तु )की नीचे की ओर गति बढ़ जाती है।
गैलीलियो के प्रयोग :-
ग्रीस (यूनान ) महान दार्शनिक अरस्तू (Aristotle ,384 -322 BC )का विचार था कि किसी वस्तु को विराम में बने रहने की स्वाभाविक प्रवृत्ति होती है,किन्तु वस्तु को एकसमान गति में बनाए रखने के लिए बाहरी अचर बल की जरुरत है। करीब दो हजार वर्षों तक यह मान्यता बानी रही जब तक की इटली के महान वैज्ञानिक गैलीलियो गैलीली (1564 -1642 )ने इस मान्यता पर प्रश्नचिन्ह नहीं लगाया।
गैलीलियो ने गौर से देखा कि ढालू तलो पर नीचे की और गति की स्थिति में त्वरण हमेशा मौजूद रहता है,जबकि ढालू तलो पर ऊपर की ओर गति की स्थिति मंदन सदा वर्तमान रहता है।इस अनुभव से उन्होंने तर्क किया कि जब तल ढालू न हो ,अर्थात समतल हो,तो न तो त्वरण और न मंदन होना चाहिए। अतः उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि "क्षैतिज समतल के अनुरेख (ALONG) गति अचर होनी चाहिए। "
गैलीलियो ने अपने प्रयोगो के आधार पर कल्पना की कि अचर (एकसमान ) वेग से गतिमान वस्तु को अपने पर लगे बालो की अनुपस्थिति में अपनी गति की यह अवस्था (STATE )बनाए रखनी चाहिए। बलों की अनुपस्थिति में वस्तु का अपनी विराम की अवस्था अथवा एक सरल रेखा में एकसमान गति (अचर चाल )की अवस्था बनाए रखने की प्रवृति वस्तु का जड़त्व (INERTIA )कहलाता है। अतः ,गैलीलियो की खोज को जड़त्व का नियम कहा जाता है।
गैलीलियो ने दूरबीन की खोज की जिसका प्रयोग हम आज दूर की वस्तुओ को साफ -साफ देखने के उपयोग में लाते है ,सच में गैलीलियो का यह अविष्कार बहुत महत्व चीज है हमारे जीवन में।
तो आज का गैलीलियो एपीसोड आपको कैसा लगा जरूर बताइएगा !!!!!!!!!!!!!!!!
अगला ज्ञान और दर्शन हम NEXT पोस्ट में करेंगे। .........



Very helpful
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